टाटा पावर और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के बीच हुई साझेदारी

 

भारत के बिजली क्षेत्र में कार्यबल तत्परता और कौशल विकास का करेगा निर्माण

– हरित ऊर्जा, ट्रान्समिशन और वितरण में उद्योग के लिए की साझेदारी

जमशेदपुर : भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने भारत के बिजली क्षेत्र में कार्यबल तत्परता और कौशल विकास पहलों को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की है। खासकर हरित नौकरियों, ट्रान्समिशन और वितरण कौशल पर ध्यान केंद्रित कर रोजगार के लिए प्रेरित करना इस सहयोग का लक्ष्य है। इस समझौते के तहत टाटा पावर द्वारा स्थापित टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम का प्रशिक्षण भागीदार होगा। यह इंस्टीट्यूट हरित ऊर्जा, बिजली ट्रान्समिशन, बिजली वितरण और औद्योगिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उद्योग के अनुरूप कौशल कार्यक्रम प्रदान करेगा। जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर देकर ट्रेनी को व्यावहारिक, रोजगार-क्षमता बढ़ाने वाले कौशल से लैस किया जाएगा। पाठ्यक्रम को ऊर्जा संक्रमण और नेट-जीरो कार्यबल की उभरती मांगों के साथ भी जोड़ा जाएगा। जिससे ट्रेनी भविष्य के लिए तैयार होंगे। अपने बढ़ते प्रभाव के प्रमाण के रूप में टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने पहले ही तीन लाख से अधिक व्यक्तियों को जागरूक और प्रशिक्षित किया है। जो बिजली क्षेत्र में कौशल में मौजूद कमियों को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस गति को आगे बढ़ाते हुए टाटा पावर ने वर्तमान में संचालित 11 केंद्रों के अलावा देश भर में और अधिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की पहुंच का महत्वपूर्ण रूप से विस्तार करने की योजना बनाई है। जिससे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण तक पहुंच मजबूत होगी। यह साझेदारी भारत के तेजी से विकसित हो रहे हरित ऊर्जा इकोसिस्टम के अनुरूप ऊर्जा स्टोरेज, हरित हाइड्रोजन और पंप किए गए हाइड्रो जैसे नए भविष्य के लिए तैयार डोमेन को जोड़ने के लिए एक मंच भी प्रदान करती है। ये संरचित कार्यक्रम देश की प्रतिभा मज़बूत करेंगे और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देंगे। संस्थान की वार्षिक बैठक के दौरान टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के सात प्रशिक्षण केंद्रों में से एक टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट-शहाद में औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। एनएसडीसी अकादमी के वाईस प्रेसिडेंट नितिन कपूर और टीपीएसडीआई के हेड आलोक प्रसाद ने प्रमुख लोगों की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए। जिनमें टाटा पावर के सीएचआरओ, चीफ – सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर हिमल तिवारी, एनएसडीसी अकादमी के जनरल मैनेजर वरुण बत्रा और टाटा पावर की सहायक कंपनी साउथ ईस्ट यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के चीफ सचिन मुजुमदार शामिल थे। इस दौरान सभी लोगों ने राष्ट्र निर्माण और सस्टेनेबल विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहक के रूप में कौशल विकास, युवा सशक्तीकरण और समावेशी कौशल कार्यक्रमों के महत्व पर जोर भी दिया। इस अवसर पर टाटा पावर के सीएचआरओ हिमल तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ हमारा सहयोग हम बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं और जो भारत में तेजी से बदलते ऊर्जा क्षेत्र के लिए भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण के लिए हमारी सांझा प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है। टाटा पावर ने हमेशा माना है कि मानव पूंजी विकास राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। एक दशक से पहले स्थापित टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने पहले ही तीन लाख से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया है। साथ ही उद्योग के अनुरूप रोजगार-केंद्रित प्रशिक्षण के माध्यम से क्षेत्रीय कौशल में मौजूद कमियों को भरना जारी रखा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ यह सहयोग कार्यबल परिवर्तन लाने के टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के पैमाने, प्रभाव और उत्कृष्टता को रेखांकित करता है। आगे बढ़ते हुए अपने ग्यारह के मौजूदा नेटवर्क से आगे और अधिक केंद्र स्थापित कर टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के पदचिह्न का महत्वपूर्ण रूप से विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। इसके जरिए हम भारत के हरित ऊर्जा प्रतिभा इकोसिस्टम को और मजबूत करेंगे और आत्मनिर्भर भारत बनाने में सार्थक योगदान देंगे। वहीं राष्ट्रीय कौशल विकास निगम अकादमी के उपाध्यक्ष नितिन कपूर ने कहा कि टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और टाटा पावर के साथ यह साझेदारी स्किल इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम क्षमता निर्माण, समावेशी कौशल और रोजगार-क्षमता बढ़ाने में टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की विरासत की प्रशंसा करते हैं। कौशल अब एक लक्जरी नहीं, बल्कि जरूरत बन चूका है। टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की प्रतिबद्धता उद्योग के पेशेवरों को तेजी से बदलते बिजली क्षेत्र में लगातार कौशल बढ़ाने और फिर से कौशल हासिल करने में मदद करेगी। टाटा ब्रांड की ताकत और यह साझेदारी भारत के डिजिटल रूप से सक्षम, ऊर्जा-स्मार्ट कार्यबल बनाने के लक्ष्य को गति देगी। यह सहयोग अत्यधिक कुशल, उद्योग के लिए तैयार और डिजिटल रूप से सशक्त युवा आधार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जो भारत के हरित विकास, सस्टेनेबल आजीविका और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक मजबूत टैलेंट पूल के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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